कालसर्प दोष (कालसर्प योग) क्या है? कारण, प्रकार, प्रभाव, उपाय व पूजा तिथि 2025
वैदिक ज्योतिष में कालसर्प दोष (या कालसर्प योग) को सबसे गहन ज्योतिषीय स्थितियों में से एक माना जाता है। यह तब बनता है जब सभी सात प्रमुख ग्रह (सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि) राहु और केतु, इन छाया ग्रहों के बीच आ जाते हैं।
यह स्थिति जीवन में कर्मजन्य चुनौतियाँ, करियर में बाधाएँ, विवाह संबंधी विलंब, स्वास्थ्य समस्याएँ और मानसिक शांति में कमी ला सकती है। लेकिन यदि इसे सही प्रकार से समझा और उपाय किया जाए तो यह आध्यात्मिक रूपांतरण का मार्ग भी खोलता है।
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